सुबाथू कॉपरेटिव सोसायटी के खाताधारकों का 63 दिनों से चल रहा शांतिपूर्ण आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। इस लंबे संघर्ष के निर्णायक क्षण में कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी प्रमुख भूमिका में उभरे और उनके हस्तक्षेप तथा उच्च-स्तरीय जांच के स्पष्ट आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया। विधायक सुल्तानपुरी खुद धरनास्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता करते हुए कहा कि खाताधारकों की पीड़ा और बार-बार उठाई गई उनकी मांगें पूरी तरह वैध हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री ने स्वयं इस मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया है।
विधायक सुल्तानपुरी ने प्रदर्शनकारी खाताधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह लड़ाई अब सिर्फ खाताधारकों की नहीं, बल्कि उनकी भी लड़ाई है, जिसे वे विधानसभा में पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि सोसायटी में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच सतही नहीं होगी बल्कि उच्च-स्तरीय होगी, जिसमें यह भी स्पष्ट रूप से जांचा जाएगा कि फंड्स को गलत तरीके से क्यों और कैसे रोटेट किया गया। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और खाताधारकों को न्याय दिलाना उनका पहला उद्देश्य होगा।सोसायटी अध्यक्ष संदीप गुप्ता ने बताया की असंतुष्टि मुख्य रूप से सीमित और धीमी जांच को लेकर थी। विधायक सुल्तानपुरी ने भरोसा दिलाया है कि जांच तब तक जारी रहेगी जब तक इसका निर्णायक और न्यायपूर्ण परिणाम सामने नहीं आता। उनके इन आश्वासनों के बाद सोसायटी के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि अब उन्हें भरोसा है कि उनकी आवाज़ सही मंच पर पहुंच चुकी है और न्याय अवश्य मिलेगा।
63 दिन बाद थमा सुबाथू सोसायटी का आंदोलन, विधायक विनोद सुल्तानपुरी बने संघर्ष के नायक; उच्च-स्तरीय जांच के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना