सोलन अस्पताल में नवजात शिशु देखभाल सप्ताह (न्यू बोर्न केयर वीक) की शुरुआत कर दी गई है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने एमएस साहब के साथ किया। स्वास्थ्य विभाग इस सप्ताह को इसलिए मना रहा है ताकि नवजात शिशुओं की देखभाल को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाई जा सके और शिशु मृत्यु दर को और कम किया जा सके। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में शिशु मृत्यु दर लगभग 14 के आसपास है और विभाग का लक्ष्य इसे सिंगल डिजिट में लाना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने कहा कि नवजात शिशुओं की सुरक्षा और देखभाल को लेकर फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से संवेदनशील बनाने की जरूरत है, ताकि वे परिवारों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकें। आशा कार्यकर्ताओं और फील्ड स्टाफ को इस दौरान नवजात देखभाल के जरूरी पहलुओं, खतरे के शुरुआती संकेतों और संक्रमण से बचाव के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि आम जनता में भी यह जानकारी देना आवश्यक है कि नवजात शिशुओं में कौन-कौन से खतरे के संकेत गंभीर स्थिति का संकेत होते हैं। यदि बच्चा असामान्य रूप से सुस्त हो जाए, दूध पीना बंद कर दे, अत्यधिक या बिल्कुल न रोए या सांस लेते समय पसली धंसने लगे तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है, इसलिए उन्हें कम हाथों से हैंडल करना चाहिए और खांसी-जुकाम वाले लोग बच्चों के संपर्क में न आएं।