वैदिक संस्कृति और नशा मुक्ति के संदेश से गूंजा दयानंद आदर्श विद्यालय का 45वां वार्षिक पुरस्कार समारोह

सोलन। दयानंद आदर्श विद्यालय के जूनियर सेक्शन का 45वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से वैदिक संस्कृति, देशभक्ति और सामाजिक मूल्यों का सशक्त संदेश दिया। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और उनमें उत्कृष्टता की भावना बनाए रखना रहा। विद्यालय की प्रिंसिपल उषा मित्तल ने बताया कि संस्थान का प्रमुख उद्देश्य बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ वैदिक संस्कृति से जोड़ना है। विद्यालय महर्षि दयानंद के “गो बैक टू वेद” के आदर्श पर कार्य करता है। छात्र जहां धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते हैं, वहीं वे वैदिक मंत्रों का उच्चारण भी दक्षता से करते हैं। समारोह के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत “शांति पाठ” ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में “ऑपरेशन सिंदूर” जैसे नाटकों के माध्यम से देश प्रेम और संस्कारों का संदेश दिया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए श्रद्धानंद हाउस को ‘बेस्ट हाउस ऑफ द ईयर’ घोषित किया गया। उषा मित्तल ने मंच से नशा उन्मूलन का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि नशा व्यक्ति और समाज दोनों के विनाश का कारण बनता है। युवाओं को चाहिए कि वे इन बुराइयों से दूर रहकर देश को सशक्त और समृद्ध बनाने में योगदान दें।byte usha mittal

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