रुद्वारा सिंह सभा सपरून में श्री गुरु नानक जी का पावन प्रकाश पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संगत ने गुरुबाणी की मधुर धुनों में डूबकर गुरु साहिब के उपदेशों को आत्मसात किया। गुरुद्वारे में सजे सुंदर दीवान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। समारोह में करमजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह के साथ विशेष रूप से अमृतसर से आए अमनदीप सिंह और भाई मनदीप सिंह ने कीर्तन दरबार में हाजिरी भरी। पूरे परिसर में “जो बोले सो निहाल” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। दीवान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक हैं। उन्होंने बताया कि गुरु जी का आगमन उस युग में हुआ जब अज्ञान और भेदभाव का अंधकार व्याप्त था, और उनके उपदेशों से संसार में ज्ञान का प्रकाश फैल गया।भाई साहिबानों ने गुरु जी के तीन मूल संदेशों—“किरत करो, नाम जपो और वंड छको”—को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी ने मनुष्य को समानता, प्रेम और सेवा का मार्ग दिखाया। अंत में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और दीवान में शामिल जत्थों ने समस्त संगत को गुरुपर्व की शुभकामनाएं दीं। byte Karam Jeet singh