हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सोलन में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा द्वारा लगाए गए उन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया, जिनमें कांग्रेस सरकार पर पंचायत चुनावों से भागने का आरोप लगाया गया था। मंत्री ठाकुर ने कहा कि ऐसे आरोप लगाना बहुत आसान है, परंतु वास्तविकता यह है कि पूरा प्रदेश इस समय एक गंभीर आपदा के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चुनावों से नहीं भाग रही है, बल्कि आपदा की वजह से चुनावों की प्रक्रिया में कुछ विलंब संभव है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 की तरह इस वर्ष भी हिमाचल प्रदेश को भारी क्षति का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि 2025 में राज्य के बुनियादी ढांचे को करीब छह हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इस वर्ष 2023 की तुलना में अधिक मौतें हुई हैं।मंत्री ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार का लक्ष्य राजनीति नहीं बल्कि जनता की सेवा और आपदा से प्रभावित लोगों की मदद करना है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की मौजूदा प्राथमिकता आपदा राहत कार्यों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदाग्रस्त और प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने, कनेक्टिविटी बहाल करने और जनजीवन को सामान्य स्थिति में लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस सरकार चुनावों को लेकर कोई भयभीत नहीं है, बल्कि मौजूदा हालात में जनता की सहायता करना ही सरकार का कर्तव्य है।भाजपा के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि जो लोग हिमाचल में राजनीति कर रहे हैं, उन्हें अपने राज्यों की स्थिति भी देखनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि हरियाणा और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों में भी पंचायती राज के चुनाव एक से डेढ़ वर्ष बाद कराए गए थे, जबकि वहां भाजपा की ही सरकार है।बाइट रोहित ठाकुर