हिमाचल प्रदेश में संयुक्त कर्मचारी एवं पेंशनर संगठन (JAC) के बैनर तले राज्यभर में जिला मुख्यालयों पर विशाल धरना-प्रदर्शन हुआ। राज्य संयुक्त एक्शन पेंशन कमेटी के महासचिव इंदर पाल शर्मा ने इस आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में लगभग दो लाख पेंशनर और 18 संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। यह पहली बार है जब प्रदेश के पेंशनरों को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना पड़ा है।
JAC का गठन 4 सितंबर को हुआ था ताकि विभिन्न संगठनों की आवाज एक मंच से सरकार तक पहुंच सके। समिति ने सरकार को एक माह का समय दिया था, लेकिन कोई वार्ता नहीं हुई। मुख्य मांगों में 16 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त जारी करना, परिवहन क्षेत्र में पेंशन समय पर देना और बिजली व कॉर्पोरेट क्षेत्र की समस्याओं का समाधान शामिल हैं।
इंदर पाल शर्मा ने कहा कि सरकार न केवल पेंशनरों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है बल्कि कर्मचारियों में भय का माहौल भी बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने वार्ता नहीं की तो नवंबर के पहले सप्ताह में आपात बैठक कर आगामी संघर्ष की घोषणा की जाएगी