सोलन ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम लचीलापन दिवस के अवसर पर आपदा प्रबंधन को लेकर प्रदेश में जागरूकता और तैयारी को और मजबूत किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा शुरू किया गया यह दिवस हर वर्ष आपदा जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसी कड़ी में जिला सोलन में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
समर्थ कार्यक्रम के तहत समुदाय, विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं को आपदा से निपटने और लचीलापन विकसित करने के उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षित निर्माण तकनीक और मेसन प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। स्वयंसेवकों को भी विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें आपदा की स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार किया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन उपकरण अब पंचायत स्तर पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे आपात स्थिति में पंचायतें अपने स्तर पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकेंगी। पहले ये उपकरण केवल उपमंडल स्तर पर ही उपलब्ध थे।
इसके अलावा युवा आपदा मित्र योजना के तहत सोलन जिले में 500 बच्चों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और सामुदायिक लचीलापन विकसित किया जा सके। यह पहल आपदा प्रबंधन को जमीनी स्तर तक मजबूत करेगी