विजयदशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सोलन के टेनिस ग्राउंड में परंपरागत शस्त्र पूजन का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां जगदम्बा और प्रभु श्रीराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर नगर कार्यवाहक जगदीश कुमार ने अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह अवसर सभी स्वयंसेवकों के लिए विशेष महत्व रखता है।कार्यक्रम के अंत में जगदीश कुमार ने जानकारी दी कि संघ का अगला महत्वपूर्ण आयोजन 7 अक्टूबर को ठोड़ो ग्राउंड में होगा। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों, माताओं, बहनों और समाज के प्रत्येक वर्ग से परिवार सहित इस आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया।जगदीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि धर्म और मनुष्यता की रक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों का अभ्यास आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधर्म तभी प्रबल होगा जब शस्त्र और शास्त्र दोनों कमजोर पड़ेंगे, इसलिए उनकी साधना निरंतर करते रहना चाहिए। उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देते हुए बताया कि रावण जैसे अधर्म के प्रतीक का विनाश भी शक्ति की उपासना के बाद ही संभव हुआ था। कार्यक्रम में हिमाचल प्रांत के सद्भावना संयोजक जितेंद्र जी ने भी उद्बोधन दिया। उन्होंने संघ द्वारा प्रस्तावित पंच परिवर्तन के महत्व पर प्रकाश डाला, जिसमें स्वयं से सुधार की शुरुआत, पर्यावरण संरक्षण, परिवार में एकता, नागरिक कर्तव्यों का पालन और समाज में अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।बाइट कार्यवाहक जगदीश कुमार