जयराम ठाकुर का सरकार पर तीखा वार: आपदा के बीच टैक्स वृद्धि जनता पर दोहरी मार

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने आज सोलन में आयोजित एक जिला स्तरीय कार्यक्रम में  केंद्र सरकार की टैक्स नीति को लेकर जहाँ खुल कर प्रशंसा की वही प्रदेश की कांग्रेस  सरकार पर  कड़ा प्रहार  भी किया।इस मौके पर  भारी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष रशिम सूद और पूर्व मंत्री राजीव सैजल भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी कम कर रही है वहीँ प्रदेश सरकार कई तरह के टैक्स लगा कर जनता को महंगाई से त्रस्त कर रही है।  पूर्व मुख्यमंत्री की इस तीखी टिप्पणी ने न सिर्फ सरकार की नीति पर सवाल खड़े किए, बल्कि आने वाले समय में टैक्स व्यवस्था को लेकर प्रदेश में नई राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है।जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस समय लगातार प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहा है। हजारों लोग अपने घर, खेत और रोजगार खो चुके हैं और अब भी पुनर्निर्माण की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता पहले ही आर्थिक तंगी से कराह रही है तो प्रदेश सरकार टैक्स बढ़ाकर बोझ क्यों डाल रही है?ठाकुर ने साफ कहा कि यह सरकार की नीतियों की असंवेदनशीलता है। “जनता को राहत और पुनर्वास की ज़रूरत है, न कि नए टैक्स की चोट,” उन्होंने जोर देकर कहा। उनके अनुसार टैक्स वृद्धि से व्यापारी तबाह होंगे, छोटे व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे और आम नागरिक की परेशानियां और बढ़ेंगी।उन्होंने सरकार से अपील की कि टैक्स वृद्धि के फैसले पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए और राज्य की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए वैकल्पिक रास्ते अपनाए जाएं। ठाकुर ने कहा कि कर नीति ऐसी होनी चाहिए जो विकास के साथ-साथ जनता की मुश्किलें कम करे।बाइट जयराम ठाकुर