गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए देशभर में अभियान चला रहे आचार्य सीताशरण ने सोलन में आयोजित धेनुमानस गौ कथा के दौरान अपने प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता बनाना समय की मांग है, क्योंकि यही हमारे धर्म और संस्कृति की रक्षा का आधार है।आचार्य श्री ने बताया कि अब तक देश के 676 जिलों में गौ कथा का आयोजन कर गौ माता राष्ट्र माता का ध्वज फहराया गया है। उन्होंने कहा कि धर्म की जड़ें गाय से जुड़ी हुई हैं। पूजा-पाठ, यज्ञ, तप, अनुष्ठान या कोई भी शुभ कार्य, सब गौ माता के महत्व से ही पूर्ण होते हैं।उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि अगर गाय सुरक्षित रहेगी तभी हमारे 33 करोड़ देवताओं की रक्षा संभव है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि भारत का धर्म और संस्कृति गौ माता में निहित है। सोलन की धरती को विशेष बताते हुए आचार्य श्री ने कहा कि यह पार्वती की पावन भूमि है, जहां की जनता की श्रद्धा और उत्साह ने उन्हें गहराई तक प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि वे यहां से आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर जा रहे हैं और विश्वास है कि इसी शक्ति के बल पर पूरे देश और विश्व में गौ माता राष्ट्र माता का ध्वज लहराएगा।बाइट आचार्य सीताशरण