जिला मुख्यालय के समीप शामती क्षेत्र में आज सुबह लगभग 10 बजे अचानक भूस्खलन की बड़ी घटना सामने आई। पहाड़ से भारी मात्रा में पानी और मलबा इस कदर तेजी से नीचे आया कि लोगों को ऐसा प्रतीत हुआ मानो बादल फट गया हो। इस घटना में पहाड़ के नीचे बना एक नवनिर्मित ढाबा भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत यह रही कि समय रहते भवन को खाली करवा लिया गया था, जिससे जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने पीडब्ल्यूडी की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग केवल आंशिक सफाई कर छोड़ देता है। भवन मालिक कमल कमल मेहता ने बताया कि घटना का मुख्य कारण बरसाती पानी का जमीन के भीतर से बहाव और ऊपर डमरोग रोड पर पुलिया का लंबे समय से बंद होना है। पानी सही चैनल से न बहने के कारण दबाव बढ़ता गया और सुबह अचानक पूरा पहाड़ धड़ाम से खिसक पड़ा। कमल के अनुसार, ढाबे के क्षतिग्रस्त होने से लगभग 70 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मलबे ने भवन की लैंटल तोड़कर अंदर प्रवेश कर लिया और देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे के ढेर में बदल गई। कमल मेहता का कहना है कि पानी का स्तर अब भी खतरनाक है और अगर इसे नियंत्रित न किया गया तो आगे का पहाड़ भी खिसक सकता है। इससे आसपास के घरों और राजगढ़ बाईपास सहित नीचे बखोर रोड तक प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना पटवारी और ग्राम प्रधान को दे दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी को तुरंत चैनलबद्ध किया जाए और बंद नालियों को खोला जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बाइट कमल कमल मेहता
सोलन के शामती में भूस्खलन से भारी तबाही, ढाबा भवन क्षतिग्रस्त – जनहानि से टली बड़ी त्रासदीसोलन।