सोलन जिले के जीपीएस बड़ोग प्राथा स्कूल की स्थिति बेहद चिंताजनक है। इस स्कूल में महज़ दो कमरे हैं, जिनमें से एक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। दीवारें हवा में लटक रही हैं और नींव की मिट्टी खिसक चुकी है। हालात इतने ख़राब हैं कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि बच्चों का रोज़ का आना-जाना इसी जर्जर भवन के पास से होता है। यदि दीवार अचानक गिर गई तो मासूमों की जान पर भारी खतरा मंडरा सकता है। विभाग ने भले ही इस भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया है, लेकिन कार्रवाई फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रही।इस मुद्दे पर जब डिप्टी डायरेक्टर एलीमेंट्री महेंद्र चंद से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि असुरक्षित भवनों को जल्द गिराया जाए। उन्होंने बताया कि , धर्मपुर के संबंधित अधिकारी से जानकारी हासिल हुई है कि भवन गिराने में फंड की कमी सबसे बड़ी अड़चन है। हैरानी की बात यह है कि अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि बच्चों की सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं है, आसपास का क्षेत्र सील कर दिया गया है।byte डिप्टी डायरेक्टर एलीमेंट्री महेंद्र चंद