मानवता की सेवा और सामाजिक उत्थान के उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा सोलन में एक महत्वपूर्ण रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। संस्था का मूल उद्देश्य मूल्य-आधारित समाज का निर्माण करना है। यह संस्था लोगों को आंतरिक शांति और जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए राजयोग मेडिटेशन का मार्गदर्शन देती है। सोलन में 22 से 25 अगस्त तक चलने वाले इस शिविर का मुख्य उद्देश्य रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंदों की जान बचाना है। शिविर में चिकित्स्कों और आयुर्वेदिक सहयोग का सहयोग लिया गया। आयोजकों को विश्वास है कि 100 से अधिक भाई-बहन इसमें भाग लेकर रक्तदान करेंगे।शिविर के बारे में जानकारी देते हुए बहन योगिनी बबिता और राजयोगिनी सुषमा देवी ने कहा कि रक्तदान वास्तव में सबसे बड़ा महादान है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना या गंभीर बीमारी में जब किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है और रक्त उपलब्ध न हो, तो उसकी जान संकट में पड़ जाती है। ऐसे समय में एक रक्तदाता किसी की कीमती जिंदगी बचा सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य ही ऐसा प्राणी है, जो अपना रक्त देकर दूसरे की जिंदगी को बचा सकता है। इसलिए हर व्यक्ति को यह नेक कार्य करना चाहिए। इस प्रकार का रक्तदान न केवल एक इंसान को जीवन देता है, बल्कि समाज की सेवा और कल्याण का महान उदाहरण भी बनता है।बाइट बहन योगिनी बबिता और राजयोगिनी सुषमा देवी