टीबी नियंत्रण पर समीक्षा बैठक, टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर

मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में  को टीबी नियंत्रण को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिछले महीने किए गए कार्यों का लेखाजोखा लिया गया और आने वाले दिनों में रणनीति तय की गई। बैठक में विशेष रूप से टीबी के मामलों का जल्द निदान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके लिए अस्पतालों में खांसी के मरीजों की अनिवार्य जांच के निर्देश दिए गए, वहीं ‘कैंप अप्रोच’ के तहत ऐसे क्षेत्रों में कैंप लगाने की योजना बनाई गई, जहां लोग अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय पाठक ने बताया कि टीबी निदान के बाद मरीजों के विशेष परीक्षण 100 प्रतिशत किए जाएंगे, ताकि उनकी सामान्य स्थिति स्पष्ट हो सके और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जा सके। वर्तमान में जिले में कुल 1086 टीबी के मरीज दर्ज हैं। सीएमओ ने लोगों से अपील की कि यदि किसी को 10 दिन से अधिक खांसी, शाम को बुखार, थकान, भूख कम लगना या गले में गांठ जैसी समस्या हो तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीबी जांच में बिना बीमारी के पॉजिटिव रिपोर्ट आना संभव नहीं है। मरीज को दवा पर केवल पूरी जांच और पुष्टि के बाद ही डाला जाता है। इसलिए लोग जांच से न हिचकें और ‘टीबी मुक्त भारत, टीबी मुक्त हिमाचल’ अभियान में सहयोग करें।

byte मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय पाठक