हिमाचल प्रदेश की मंडियों में सेब के दामों में लगातार गिरावट ने बागवानों को हताश कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई किसान अपने सेब बेचने के बजाय उन्हें वापिस ले जाने लगे हैं। चौपाल तहसील के गांव बो पीए से पहुंचे बागवान संत राम गाजटा का अनुभव इसका ताज़ा उदाहरण है। न्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो वे अपना माल बेचने के बजाय वापस ले जाएंगे।यह तस्वीर साफ दिखाती है कि सोलन मंडी समेत प्रदेश की मंडियां बागवानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही हैं, जहां मेहनत और लागत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा।गाजटा ने कहा मेरे माल को देखकर भी अच्छा रेट नहीं मिला। यह बिल्कुल डाउन रेट है। उन्होंने कहा कि उनके पास बेहतरीन गुणवत्ता का सेब था, जिसकी उन्हें उम्मीद थी कि कम से कम ₹2,500 प्रति पेटी बिकेगा, जबकि उच्च गुणवत्ता वाले माल के लिए ₹3,000 तक की दर मिल सकती थी। लेकिन हकीकत में उन्हें अपने सबसे अच्छे सेब के लिए सिर्फ ₹1,400 प्रति पेटी और सामान्य गुणवत्ता के लिए मात्र ₹800 प्रति पेटी का भाव मिला था लेकिन उन्होंने सेब बेचने का इरादा बदल दिया और वह अपनी फसल वापिस लेजाने को मजबूर है।बाइट संत राम गाजटा