जिससे नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। शहर के निवासी मुकेश गुप्ता और विजय दुग्गल ने पशुपालन विभाग और नगर निगम की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में लगभग 27 लोगों को कुत्तों ने काटा, जिससे कई घायल हुए और रेबीज का टीका लगवाना पड़ा।निवासियों के अनुसार, डॉग बाइट्स की घटनाएं इतनी आम हो गई हैं कि बच्चे, बुजुर्ग और सुबह की सैर पर निकलने वाले लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। हर मोड़ पर दो-चार कुत्तों का झुंड मिलना आम हो गया है, जो राहगीरों पर झपट पड़ते हैं।मुकेश गुप्ता ने कहा कि वेटनरी विभाग का कहना है कि 200 कुत्तों को वैक्सीन दी गई है, लेकिन इन पर कोई पहचान चिह्न नहीं होने से यह पता लगाना मुश्किल है कि किसे टीका लगा है। मुकेश गुप्ता ने सुझाव दिया कि गायों की तरह कुत्तों के कानों में टैग लगाए जाएं। वहीं, विजय दुग्गल ने कहा कि केवल टीकाकरण से समाधान नहीं होगा, जब तक सभी कुत्तों की संख्या को नियंत्रित नहीं किया जाता। नागरिकों की मांग है कि नगर निगम नसबंदी की कार्रवाई तेज़ करे और कुत्तों को टैग कर उनकी पहचान सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जो कुत्ते खतरनाक हैं उन्हें पकड़कर शहर से बाहर छोड़ा जाए। जब तक व्यापक और ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।बाइट मुकेश गुप्ता और विजय दुग्गल