करशा गांव स्थित करशा मठ परिसर में करीब 30 करोड़ की लागत से भव्य फोटांग भवन का निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन 25 जुलाई को तिब्बती धर्मगुरु महामहिम दलाई लामा ने विधिवत रूप से किया।
इन दिनों लेह प्रवास पर आए दलाई लामा विशेष रूप से पदुम पहुंचे, जहां उन्होंने करशा फोटांग में हजारों श्रद्धालुओं को प्रवचन भी दिया। इस अवसर पर लाहौल-स्पीति और पांगी किलाड़ से भी सैकड़ों की संख्या में बौद्ध अनुयायी दर्शन के लिए पहुंचे।
पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता रवि ठाकुर ने बताया कि उन्हें भी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भाग लेने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि करशा मठ में फिलहाल करीब 700 भिक्षु शिक्षा ग्रहण कर जिसमें से 100 के करीब यहां स्थाई रूप से रह रहे हैं तथा बाकी देश के विभिन्न बौद्ध मठों जैसे सेरा बौद्ध मठ, टशी लोम्बो बौद्ध मठ, लो सेलिंग बौद्ध मठ,गोमांग बौद्ध मठ,सारचे बौद्ध मठ, ज़ांगचे बौद्ध मठ,ओथांग बौद्ध मठ,चुखलाखांग बौद्ध मठ और अन्य जगहों पर हैं। रवि ठाकुर ने कहा कि नए फोटांग भवन के खुलने से यह संख्या और बढ़ेगी। यहां विश्व शांति के लिए विशेष पूजा-पाठ और बौद्ध ग्रंथों का अध्ययन किया जाएगा।
रवि ठाकुर ने यह भी बताया कि केंद्र की मोदी सरकार की पहल पर शिंकुला दर्रा होकर सड़क मार्ग का निर्माण पूरा हो गया है, जिससे जांस्कर घाटी अब सीधा लाहौल से जुड़ गई है और निर्माणाधीन शिंकुला टनल के बनने से पूरे साल आवागमन और भी सुविधाजनक रहेगा इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
रवि ठाकुर ने कहा कि करीब ढाई हजार की आबादी वाले करशा क्षेत्र में एक हजार के लगभग बौद्ध भिक्षु निवास करते हैं, जो बौद्ध शिक्षा व साधना के लिए पूरे विश्व में विख्यात होता जा रहा है। करशा फोटांग का उद्घाटन इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
नालंदा विश्वविद्यालय की तर्ज पर अब लद्दाख के जांस्कर क्षेत्र में भी बौद्ध धर्म के शिक्षा का नया केंद्र विकसित हो गया है।