सावन के पहले सोमवार को शिव भक्ति का अद्भुत नजारा सोलन के प्राचीन शिव नरसिहं मंदिर में देखने को मिला। सुबह होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। हाथों में बेलपत्र, जल कलश और फूल लेकर श्रद्धालु बोल बम के जयकारों के साथ भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे थे। माना जाता है कि इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग क्षेत्र का सबसे प्राचीन और बड़ा शिवलिंग है, जिसकी पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग पर तीन पत्ती बेलपत्र चढ़ाने से कई हवनों जितना पुण्य फल प्राप्त होता है, जिससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। मंदिर प्रांगण में माहौल भक्तिमय था और चारों ओर हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे थे।शिवभक्त दिनेश शर्मा ने बताया कि यह मंदिर न केवल ऐतिहासिक है बल्कि श्रद्धा का केंद्र भी है। सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव को जल, पुष्प और फल अर्पित कर आशीर्वाद लेने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि वह वर्षों से इस मंदिर में आकर भोलेनाथ की पूजा करते हैं और आज भी उनकी भक्ति में वही समर्पण है।बाइट शिवभक्त दिनेश शर्मा