राज्यस्तरीय शूलिनी मेले को लेकर नगर निगम सोलन ने सख्त रुख अपना लिया है। इस बार मेले के दौरान अवैध रूप से दुकानें लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की कमिश्नर एकता काप्टा ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि या सड़कों पर बिना अनुमति दुकान लगाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।कमिश्नर ने बताया कि हर वर्ष कुछ दलाल या स्थानीय लोग बाहरी राज्यों से आए दुकानदारों से 10,000 से 30,000 रुपये प्रतिदिन वसूलते हैं, ताकि वे बिना निगम की अनुमति के सरकारी जगहों पर दुकानें लगा सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार यदि कोई व्यक्ति ऐसी अवैध वसूली करता या किसी को गैरकानूनी रूप से दुकान लगाने देता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।एकता काप्टा ने कहा कि जो भी दुकानदार मेले में दुकान लगाना चाहता है, वह नगर निगम में आवेदन कर ₹500 की तहबाजारी फीस जमा कर अधिकृत अनुमति प्राप्त कर सकता है। निगम की ओर से 16 जून को ओपन बोली के तहत झूले, स्टॉल और अन्य सुविधाओं का आवंटन किया जाएगा।नगर निगम सोलन ने सभी दुकानदारों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे मेले की गरिमा बनाए रखने और नियमों का पालन करने में सहयोग करें। किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।byte नगर निगम सोलन की कमिश्नर एकता काप्टा