उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण के उद्देश्य के साथ आज यहां आपदा जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एन.डी.आर.एफ) राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एस.डी.आर.एफ) तथा स्कूली बच्चों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने भाग लिया।
जागरूकता कार्यक्रम में एन.डी.आर.एफ 14वीं वाहिनी जसूर (नूरपुर) और एस.डी.आर.एफ के जवानों द्वारा उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारियों तथा स्कूल के बच्चों को आग की घटना, भूस्खलन तथा भूकंप के आने पर उससे बचाव व राहत कार्याे पर आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आगज़नी जैसी घटना घटित होने पर राहत व बचाव के संबंध में त्वरित उठाए जाने वाले विभिन्न प्रभावी कदमों की तैयारियों को सुनिश्चित करना है ताकि इस प्रकार की आपदा के समय में प्रभावित लोगों के बचाव के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाकर जान माल के नुकसान को कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। ताकि लोगों को आपदा से बचाव व आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की आपदा के समय सबसे पहले स्थानीय लोग ही मौके पर पहुंचते हैं। इसलिए आम लोगों का आपदा के प्रति जागरूक होना अति आवश्यक है। यदि आम लोग आपदा के प्रति जागरूक होंगे तो आपदा के समय होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इससे पहले स्कूल के बच्चों द्वारा उपायुक्त कार्यालय से होटल पैरागॉन, पुराना उपायुक्त कार्यालय तथा पुराना बस अड्डा से वापस उपायुक्त कार्यालय तक आपदा जागरूकता रैली भी निकली गई।
अतिरिक्त उपायुक्त सोलन राहुल जैन, उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, डॉ. शालिनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी व स्कूली बच्चे इस अवसर पर उपस्थित थे।
