सोलन के व्यापारियों मनीष साहनी और सुरेंद्र बहल के अनुसार वह गर्मी के कपड़ों का स्टॉक करने में हिचकिचा रहे हैं, क्योंकि ग्राहकों की मांग अभी स्पष्ट नहीं है। इस स्थिति के चलते बाजार में व्यावसायिक गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं। व्यापारी इसे ग्लोबल वार्मिंग का असर मानते हैं और सरकार से इसके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। बारिश के इस असामान्य दौर ने किसानों को भी नुकसान पहुंचाया है। जब उन्हें बारिश की जरूरत थी, तब नहीं हुई, और अब हो रही बारिश उनकी फसलों के लिए फायदेमंद नहीं है। इसका सीधा असर उनकी आय पर पड़ेगा, जिससे बाजार की स्थिति और ज्यादा प्रभावित हो सकती है। किसानों और व्यापारियों ने सरकार से मौसम परिवर्तन को नियंत्रित करने और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।बाइट व्यापारियों मनीष साहनी और सुरेंद्र बहल