18 करोड़ डूबे, दी-सुबाथू अर्बन सहकारी सभा में  खाताधारक आठवें दिन भी सड़क पर — पूर्व चेयरमैन पर लगे संगीन आरोप    

दी-सुबाथू अर्बन सहकारी सभा  घोटाले ने सोलन और आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा दिया है। खाताधारकों का लगभग 18 करोड़ रुपये फंसने के बाद गुस्साए लोग लगातार आठ दिनों से धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने यह रकम अपने बेटे, भतीजे, भतीजे की बहू, मित्रों और व्यापारिक साझेदारों में बांट दी, जिससे सैकड़ों परिवारों की गाढ़ी कमाई डूब गई। गौर तलब है कि सोसाइटी के लगभग 2134 सदस्य प्रभावित हैं, जिनमें अधिकतर किसान, जमींदार और सेवानिवृत्त सैनिक शामिल हैं। इन फौजियों का कहना है कि उनका पूरा रिटायरमेंट फंड इसी सोसाइटी में लगा हुआ है और अब वे पूरी तरह से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि उनकी केवल एक ही मांग है—उन्हें उनका पैसा वापस दिलाया जाए, और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
दी-सुबाथू अर्बन सहकारी सभा के  वाइस चेयरमैन जोगेंद्र ठाकुर तथा  नंदा लाल खाता धारक  का कहना है कि जब उन्होंने पैसे की वसूली के लिए दबाव डाला तो कर्जदारों ने खुलेआम पैसा लौटाने से इंकार कर दिया। यहां तक कि एआरसीएस गिरीश नड्डा के सामने मनन गर्ग ने साफ कह दिया कि वह पैसा नहीं देगा। प्रशासनिक स्तर पर भी खाताधारकों को कोई राहत नहीं मिली। एआरसीएस ने यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते, जिसके बाद मजबूरन खाताधारक सड़क पर उतरकर विरोध करने लगे।