सोलन में 100 दिवसीय टीबी अभियान तेज, घर-द्वार पर जांच और उपचार की सुविधा

सोलन: विश्व टीबी दिवस के अवसर पर आरंभ किए गए 100 दिवसीय विशेष टीबी उन्मूलन अभियान को लेकर सोलन का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर कार्य कर रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) सोलन, डॉ. अजय पाठक ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश को टीबी मुक्त बनाना है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें विशेष रूप से सक्रिय हैं। आशा वर्कर्स के साथ टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं और संदिग्ध मरीजों के सैंपल एकत्रित कर रही हैं।
अभियान के तहत संवेदनशील वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिनमें कोविड-19 से ठीक हुए मरीज, सीओपीडी, मधुमेह (डायबिटीज) और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग शामिल हैं। इन वर्गों में टीबी संक्रमण की संभावना अधिक होने के चलते विशेष निगरानी रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जिले में तीन हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से ‘निक्षय कैंप’ लगाकर घरों के समीप ही एक्स-रे जांच की जा रही है। लक्षण मिलने पर बलगम की जांच की जाती है, जबकि एहतियातन बिना लक्षण वाले लोगों की भी स्क्रीनिंग की जा रही है।
डॉ. पाठक ने बताया कि टीबी से बचाव के लिए टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) का छोटा और सुरक्षित कोर्स उपलब्ध है। साथ ही, मरीजों को पूर्ण उपचार भी निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने समाज से अपील की कि टीबी मरीजों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न करें, क्योंकि यह बीमारी इलाज योग्य है। साथ ही खांसी के दौरान सावधानी बरतने और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को जांच में सहयोग देने का आग्रह भी किया गया है।

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